मध्य्रपदेश के लिए पड़ोसी राज्य ही बने खतरा, क्या इन राज्यों से रिश्ते तोड़ेगा मप्र ?

पराग श्रीवास्तव

देश का दिल कहा जाने वाला मध्यप्रदेश क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है,जिसकी आबादी करीब साढ़े  8 करोड़ है।  इस विशाल राज्य की सीमाएं 5 राज्यों को छूती हैं।  मप्र में बाहरी राज्यों से आने के लिए, बस ट्रैन और हवाई जहाज के लिए रास्ते खुले हैं।  हजारों की संख्या में लोग प्रति दिन मध्यप्रदेश में बाहरी राज्यों से प्रवेश करते हैं।  अब तक तो मप्र के सम्बन्ध अपने पड़ोसी राज्यों से मधुर थे लेकिन अब इन हजारों लोगों की आवाजाही पर मप्र सरकार रोक लगाने जा रही है।  

आखिर क्या है वजह ?
मध्यप्रदेश के पड़ोसी राज्य खासकर महाराष्ट्र, राजस्थान जनसँख्या के मामले में बहुत बड़े हैं। इन बड़े राज्यों में, लोगों की विदेशों से आवाजाही भी एक बड़ी संख्या में होती है।  जो की देश में कोरोना को फैलाने का एक बड़ा कारण बन सकती है।  इसके साथ ही सीमाओं से लगे इन राज्यों से मध्यप्रदेश को भी बड़ा खतरा है।  हाल ही में कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन से संक्रमित  मरीज महाराष्ट्र और राजस्थान में मिले हैं, इतना ही नहीं महाराष्ट्र में प्रतिदिन मिलने वाले कोरोना के मरीजों में भी वृद्धि देखने को मिल रही है।  जिसके चलते कोरोना के पैर मध्यप्रदेश में पड़ने की भारी आशंका जताई जा रही है।  मप्र गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने अपने बयान में कहा कि "पड़ोसी राज्यों में नए वेरिएंट की शिकायत मिली है वहां की सीमाओं में हम चौकसी बढ़ा रहे है। प्रदेश में हमारी की कोशिश है तीसरी लहर को आने न दिया जाए जिन संसाधनों की ज़रूरत है उसे पूरा किया जाएगा। पर्याप्त मात्रा में ऑक्सिजन प्लांट है ICU बेड्स की व्यवस्था है।"
 

 
बीते 24 घंटों में मप्र में 17 नए मामले दर्ज किये गए हैं। जिनमे से अधिकतर केस इंदौर और भोपाल से ही दर्ज किये जा रहे हैं। दरअसल प्रदेश के इन महानगरों में एक भारी आबादी निवास करती है, इसके साथ ही यहाँ बाहरी राज्यों से आने-जाने वाले लोगों की संख्या भी अधिक है। वही राज्य सरकार ने टेस्टिंग की रफ़्तार भी बढ़ा दी है।  रविवार को मप्र में  53 हज़ार टेस्ट किये गए थे, जिनमे सबसे ज्यादा टेस्ट इंदौर और भोपाल में हुए हैं। राहत की बात यह है कि अभी तक मप्र में ओमीक्रॉन का कोई भी केस देखने को नहीं मिला है।  बाहरी राज्यों से खतरे को देख सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है।  रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और एयरपोर्ट पर कोरोना जाँच की जा रही है।  इसके साथ ही लोगों को मास्क लगाने और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की हिदायत दी जा रही है।  

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